Thursday, July 8, 2010

ऑक्टोपस बाबा की जय हो

खिरकार एक बार फिर से बाबा का "सपना" सच हो गया। बाबा की भविष्यवाणी सच होने के बाद स्पेन के लोग जहाँ ऑक्टोपस बाबा की जय-जयकार कर रहे हैं, वही जर्मनी के लोग बहुत नाराज़ हैं, क्योंकि अपने बाबा ने ही इन सबका दिल तोड़ दिया. स्पेन ने अपने फूटबाल के इतिहास में एक नया चैप्टर जोड़ते हुए जर्मनी को १-० से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में एंट्री कर ली। पुयोल ने बाबा का सपना सच करते हुए ३ बार की चैम्पियन जर्मनी को शिकस्त देकर अपने देशवासियों का गजब का धांसू मान बढाया है। हालाकि वर्ल्ड कप में 1934 से भाग ले रहे स्पेन को १३वे प्रयास में यहाँ तक आने में सफलता मिली है। फूटबाल के इस महाकुम्भ में ११ जुलाई को उसका मुकाबला हालैंड से होगा.
बाबा ऑक्टोपस की भविष्यवाणी अब तक ५ मैच में सही बैठी है। होता यू है कि जर्मनी के मैच के पहले बाबा के सामने ग्लास का ३ डब्बा रखा जाता है। १ में जर्मनी और दुसरे में विपक्षी टीम का झंडा लगा रहता है। "पाल" जिस डब्बे के ऊपर बैठते हैं, उसी टीम की जीत मानी जाती है। इस से पहले भी पाल की भविष्यवाणी सही साबित हुई है। हालाकि वैज्ञानिक और पेटा के लोग मानते हैं कि पाल की भविष्यवाणी महज एक संयोग है और कुछ nahi।
जो भी हो ऑक्टोपस कि भविष्यवाणी ने स्पेन से भले ही पेन को अलग कर दिया हो, पर जर्मनी के लोगो के दिल का दर्द बहुत बढ़ा दिया है... वेल, फूटबाल के इस महाकुम्भ में बहुत कुछ उलट-फेर देखने को मिला, तो कुछ ऐसे अजूबों के भी दर्शन हुए, जिसे सालों तक याद रखा जाएगा। अब फ़ाइनल मैच के बारे में ऑक्टोपस बाबा क्या बोलते हैं, उनका कहा कितना सच होगा, ये तो वक्त ही बताएगा, पर बाबा ने रोमांच से भरे इस धक्-धक् खेल में अचानक से हाई वोल्ट जान दाल दी।

2 comments:

  1. इसे सिर्फ संयोग कह कर नहीं नकारा जा सकता...इसके पीछे कुछ तो रहस्य अवश्य है.

    ReplyDelete
  2. yahi kam jab apne desh mein hota tab bharat pichra andvishvasi desh ban jata hai aur aaj jab sara vishv yahi sab kar raha hai tab ye sab uchit dohere mandand kyon?

    ReplyDelete