Tuesday, January 24, 2017

पेन ड्राइव और कॉफी मग के लिए लड़ने वाले पत्रकार भी ट्रंप को गरिया रहे हैं!

उस दिन मैं एक प्रोडक्ट की लांचिंग को कवर करने के लिए शहर के एक होटल में गया था. वहां जाते ही सज-धजकर तैयार हॉल में बैठने काे कहा गया और बिसलेरी के छोटकु बोटल में पानी के साथ कोल्ड ड्रिंक्स का ग्लास थमा दिया गया. इस दौरान लगभग सारे अखबार और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बंधु आ गये थे. प्रेस को ब्रीफ करने कंपनी की एक आला ऑफिसर कोलकाता से आयी थीं, जिन्होंने चंद लम्हों बाद ब्रीफिंग शुरू कर दी. इस दौरान चाय-कॉफी और नाश्ते संग कुर-कुर-मुर-मुर चलता रहा. खैर, लगभग आधे घंटे की ब्रीफिंग के बाद लंच टाइम हुआ और पत्रकार भाई हमेशा की तरह प्लेट लिये गरमा-गरम चिकेन-मटन पर टूट पड़े. मैं लंच से दूर रहा, क्याेंकि मैं ऐसे प्रोग्राम में खाने से थोड़ा हिचकता था या यूं कहें शरमाता था. ठांसू लंच के बाद जाते टाइम जिस-जिस ने पेपर पर अपना नाम और मीडिया हाउस का नाम लिखा था, उन्हें एक पैक बंद टाइटन की एक घड़ी दी गयी. मैंने यह लेना
दो दिन पहले ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया को बेईमान बताते हुए एक टीवी पत्रकार को घटिया कह दिया था. ट्रंप ने न्यूयॉर्क में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रेस पर मेरा हमला जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हमें अखबारों ने निंदात्मक खबरें पढ़ने को मिलती हैं, जिनके बारे में हमें पता है कि ये झूठी हैं. मैं प्रेस को बेहद बेईमान पाता हूं. मैं राजनीतिक प्रेस को अविश्वसनीय रूप से बेईमान पाता हूं. बताया जा रहा है कि जनवरी में आयोवा में सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए एक रात में 60 लाख डॉलर का कोष जुटाये जाने के सवाल पर ट्रंप ने मीडिया पर यह हमला बोला. ट्रंप ने कहा कि प्रेस को शर्मिंदा होना चाहिए. इस तरह का अच्छा काम करने पर मुझे कभी भी इतने बुरे प्रचार का सामना नहीं करना पड़ा. मेरा मानना है कि राजनीतिक प्रेस सर्वाधिक बेईमान लोगों में शामिल है जिससे मैं रूबरू हुआ हूं. उन्होंने एक पत्रकार टॉम लमास का जिक्र करते हुए कहा कि आप घटिया हैं, क्योंकि आप तथ्यों को अच्छी तरह जानते हैं.
मुनासिब नहीं समझा और वापस ऑफिस चला गया. शाम में कंपनी के प्रतिनिधि वो गिफ्ट देने मेरे ऑफिस आये, पर बॉस ने उन्हें झिड़क कर बाहर भेज दिया. ऐसे भी मैं फील्ड में कम ही जाता था, इसलिए ऐसे मौके ज्यादा देखने को नहीं मिलते थे. पर, एक-दो बार ऐसे मौके जरूर आये, जब पेन ड्राइव, कॉफी मग सेट सहित चिंदी-चिंदी गिफ्ट के लिए भी पत्रकारों को इधर-उधर करते देखा है. अब जब टंप ने पत्रकारों को बईमान कहा, तो पूरा कुनबा खड़ा हो गया है. पर, यकीन मानिये पब्लिक को भी पता है कि अखबारों या न्यूज चैनलों में वही खबरें अच्छे से दिखाई या छापी जाती हैं, जिससे मीडिया प्रबंधन को फायदा हो. अगर किसी ने ऐड नहीं दिया और कोई कार्यक्रम करा है, तो विज्ञापन विभाग वाले उसे ब्लैक लिस्ट में डाल देते हैं. रिलेशन पर खबरें छपती और रुकती ही हैं, पर बेईमानी और इधर-उधर की आड़ में पत्रकारिता को जिंदा करने वाले महान जर्नलिस्ट को ट्रंप जैसे लोगों पर इतना गुस्सा आता है, जैसे कि उनकी कोई एक्सक्लूसिव खबर को किसी और ने छाप दिया हो.

Monday, January 23, 2017

मोदी का यह "दो मिनट" खत्म कर देगा "चरखा पुराण"!
चरखा पुराण पर चल रहा विवाद आखिरकार अब खत्म होने वाला है. विपक्षी पार्टियों का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जान-बूझकर महात्मा गांधी काे लोगों की जुबां से हटाकर खुद को रिप्लेस करना चाहते हैं. नोट पर गांधी जी की फोटो खिसकाने की बात पर बवाल खत्म भी नहीं हुआ था कि खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर में गांधी की जगह मोदी को चरखा चलाते दिखाये जाने पर हंगामा खड़ा हो गया है. लोगों ने बवाल मचाया कि यह सब जान-बूझकर किया गया है. पर, पीएम मोदी ने अब एक नया दाव खेला है, जिससे विपक्षी पार्टियों के हंगामे और बवाल, धरे के धरे रह जायेंगे. मोदी ने ऐलान किया है कि हर साल शहीद दिवस पर पूरा देश बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो मिनट का मौन रखेगा.
दरअसल, केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी के शहीद दिवस (30 जनवरी) को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है. एडवाइजरी केंद्र सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी वीके राजन की तरफ से जारी की गई है. रेलवे मंत्रालय व रेलवे बोर्ड को भी अपने सभी विभाग को इस दौरान मौन रखने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. इस दौरान ट्रेनें भी किसी तरह का साइरन नहीं बजाएंगी. 30 जनवरी को सुबह 11 बजे शहीदों की स्मृति में सारे काम रोककर दो मिनट का मौन रखा जाएगा. एडवाइजरी के मुताबिक, यह श्रद्धांजलि केवल सरकारी दफ्तरों में ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक वर्ग में भी हो. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि लोग अपने-अपने घरों दो मिनट का मौन रखें. इस दिन यह लोगों को बताया जाए कि स्वतंत्रता सेनानियों ने किस तरह से देश की आजादी में अपनी-अपनी भूमिका निभाई है. राज्य सरकार स्कूलों व कॉलेजों में भी इसके लिए निर्देश जारी करें.